Sunday, 25 September 2016

मैं नन्ही सी कली हूँ,मुझे पुष्प बनकर खिलने दो
प्यासी हूँ अर्शे से,अब  जल का सिंचन होने दो
खुशियां भर दूंगी आपकी दुनिया में बेमिशाल
अभी जरा मुझे श्वेत श्यामल वर्ण में रंगने दो

Neelam Rawat. Powered by Blogger.

घाटियों की गूंज . 2017 Copyright. All rights reserved. Designed by Blogger Template | Free Blogger Templates