Monday, 24 July 2017

दो दिन की जिंदगी है हर जश्न को उत्साह से मनाइये
जिंदगी की भागमभाग में यूँ न सूखे फूल सा मुरझाइये
यूँ कब तक भागते रहोगे दुनिया की नुमाइशों से,
जिंदगी इक रंगमंच है अपना किरदार शौक से निभाइये
गजल खुद ही बन जायेगी तुम हर शब्द को संवारिये
किसी की चेहरे की बेबसी को यूँ न गौर से निहारिये
यूँ कब तक रहोगे बैठे उदास चेहरे के साथ,
मुस्कुराहट की चादर ओढ़ कर अपने चेहरे को भी निखारिये
अपनी जिंदगी का हर लम्हा खुशियों के साथ गुजारिये
अपना हर पल मीठे मीठे अहसासों में बिताइए
त्याग दो क्रोध ज्वलन स्वार्थ को जिंदगी से,
जिंदगी को अपनी, सुनहरी यादों की सौगातों से सजाइये
किसी से प्यार पाओ किसी को प्यार परोस दीजिये
अब हर शख्स के सामने जरा सलीखे से पेश आइये
माफ़ करदों उन्हें भी जिन्होंने आघात गहरे पहुंचाए,
जिंदगी एक रंगमंच है अपना किरदार जरा हटके निभाइये।।
Neelurawat1996@gmail.com..
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Shayri meri dairy se...
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