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हैं परेशान आजकल

हैं परेशान आजकल
वो शब्द मेरे मन के
वो नज्म बहते आसुंओ की
वो गजल रुआंसे दिल की

है उदास आजकल
वो अल्फाज मेरे दर्द के
वो लफ्ज खोये ख्वाबों के
वो कहानी टूटे सपनों के

हैं बेचैन आजकल
वो स्वर मेरे चैन के
वो अक्षर टूटती धड़कनों के
वो गीत भावनाओं के

#नीलम_रावत
@neel

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