Thursday, 18 January 2018

हैं परेशान आजकल
वो शब्द मेरे मन के
वो नज्म बहते आसुंओ की
वो गजल रुआंसे दिल की

है उदास आजकल
वो अल्फाज मेरे दर्द के
वो लफ्ज खोये ख्वाबों के
वो कहानी टूटे सपनों के

हैं बेचैन आजकल
वो स्वर मेरे चैन के
वो अक्षर टूटती धड़कनों के
वो गीत भावनाओं के

#नीलम_रावत
@neel

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