Wednesday, 10 October 2018

समंदर को समंदर का किनारा मिल गया होता
मुसाफिर को राहों का सहारा मिल गया होता
जां कुर्बान कर देते जिन्द तेरे नाम कर देते,
अगर दिल को धड़कन का इशारा मिल गया होता।।

Neelam Rawat. Powered by Blogger.

घाटियों की गूंज . 2017 Copyright. All rights reserved. Designed by Blogger Template | Free Blogger Templates