Sunday, 12 May 2019

आज 12 मई 2019 है तो लगभग सब लोग इस दिन को mother's day करके सेलिब्रेट कर रहे हैं । बेशक दोस्तों का का जो रोल है हमारे जीवन में वो बहुत संघर्ष का रोल है न जाने कितनी कठिनाइयों से जूझती होगी माँ हमारे लिए इसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते वाकई माँ और खुदा की अगर तुलना की जाए तो माँ का पलड़ा बढ़ जाएगा । माँ वही जिसने हमको इस संसार से रूबरू करवाया और माँ कम से कम एक समय तो सबके जीवन में होती है।
मैं हर रिश्ते का सम्मान करना जानती हूं हर रिश्ते को महत्व देती हूँ क्योंकि हर रिश्ता अपनी अपनी जगह खास है
लेकिन मैं अगर इस दिन को लेकर अपनी सोच व्यक्त करना चाहूँ तो मैं इस दिन को कोई खास  तरीके से नहीं मनाती क्योंकि जबसे इस दिन को जाना ।हमेशा की तरह मैं इस दिन अपनी मा से दूर ही रहती हूं ये कोई मजबूरी समझो या समय की विडंबना
मेरा मानना है कि माँ 365 दिन चौबीसों घण्टे वन्दनीय है पूजनीय है लेकिन ये सम्भव तो बहुत मुश्किल है लेकिन माँ की खुशी के लिए ईश्वर से दिन में एक बार जरूर गुफ्तगू कर लेनी चाहिए लेकिन फिर भी यदि अगर हमें अपनी माँ को कोई उपहार देना हो तो वो करो जो उनकी उम्मीदें है आपसे
उनका भरोसा जीत लो ऐसा बन जाओ उनकी नजरों में उनको आपके व्यक्तित्व को लेकर जरा भी चिंतित होने की जरूरत न हो ।
आप खुश रहो वो खुश रहेंगी आप नैतिकता उदारता और एक समृद्व चरित्र अपनाओ उन्हें बहुत खुशी मिलेगी आखिर एक माँ अपने बच्चों से कोई मंहगा उपहार नहीं चाहती कि बच्चे सही राह पे चले सही दिशा में चले वही बहुत बड़ा उपहार है।।
माँ से खुद का रिश्ता ऐसा बनाये कि
उनके सामने कोई राज राज ना रहे
कोई बात छुपी न रहे
जिनके सामने झूठ तो कभी बोला ही न जाये
असल मे माँ और बच्चों का रिश्ता तो होता ही कुछ ऐसा है।तो हर जगह हर माँ का सम्मान करो माँ किसी की भी हो पूजनीय होती है।।
मजे करो।।।🙏🙏🙏
©नीलम

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