Sunday, 19 April 2020

मैं रोकती रही सूरज को क्षितिज पर,,
कोई चाँद के विरह में जान दे गया।।

प्रिय पाठको,,
नमस्कार
मैं चर्चा करूंगी आजकल का  ज्वलन्त मुद्दा कोरोना का जमाती असर,,, जैसा सर्वविदित है दुनिया भर में प्रलयकारी हाहाकार मचा हुआ है ,एक वायरस ने आम नागरिक से लेकर बड़े बड़े उधोगपतियों ,नेताओं सबको प्रभावित किया हुआ है ,,पूरी दुनिया इसके निजात के लिए न जाने क्या क्या कर रही है न जाने कितनी औषधियों का टेस्ट लेबोरेट्री में चल रहा है ,इस महाविनाशक कोरोना नामक महामारी ने जन-जन में बौखलाहट ,डर पैदा किया हुआ है ,जहां एक तरफ दुनिया के अनेक देशों में कई दिनों से समाजिक दूरी बनाए रखने के लिए लॉकडाउन किया गया है वहीं भारत जैसे देश में जमात का मामला सामने आया है,,,, "जमात" सुन्नी इस्लामिक संगठन है जो जो इस्लाम धर्म के प्रचार प्रसार के लिए संगठित किया गया है,,, जिसका संगठन 1926-27 के आस पास हुई मोहम्मद इलियास ने इसकी नींव रखी((विस्तृत व्यख्या विकिपीडिया पे उपलब्ध है)) ।।
हमें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है (अर्थात भारतीय संविधान 25(a)के अनुसार नागरिक को किसी भी धर्म को मानने का,आचरण करने का और धर्म के प्रचार करने का अधिकार प्रप्त है) लेकिन जब देश दुनिया एक विषम परिस्थिति से गुजर रहा हो ,गांवों कस्बों नगरों शहरों एवं महानगरों में तालाबंदी का दौर चल रहा है तो कोई विशेष समुदाय अपने धर्म के प्रचार प्रसार हेतु महा सभाओं का आयोजन करवाये ये कहाँ तक न्यायोचित है???? क्या हमारा धर्म (कोई भी धर्म) इसकी इजाजत देता है हमें , कि हम इंसानियत का गला घोंट दे?? जी नहीं बल्कि इस महामारी के दौर में हमें एकजुट होकर कोरोना से लड़ना है देश का साथ देना है ये ही हम सबका सर्वश्रेष्ठ धर्म है।।
लेकिन इस जमात की करामात ने संक्रमण के मामले में देश का दण्डारेख ही बदल डाला,,🤔🤔🤔😚😚
यदि भारत में इस प्रकार की किसी धर्म सभा का आयोजन न होता विभिन्न जगह के लोग उसमें सम्मिलित न होते तो आज संक्रमण मामले में भारत इतनी तीव्र गति से वृद्धि न करता तथा कतिपय राज्यों में हमने कोरोना निजात की स्थिति में रहना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ ,कुछ असामाजिक मनुष्यों की वजह से आज पूरा देश भुगत रहा है,,,,दिनों दिन सैकड़ो हजारों में संख्या बढ़ रही जिसमें कहीं न कहीं से जमातियों की रिपोर्ट भी आ रही है इससे समाज का बर्बाद होने भय हर किसी को सता रहा है,,, इनसे जब जांच पड़ताल हो रही तो ये कह रहे हम फंस गए थे  मरकज में और बहुत सारे विवादित बयान भी आ रहे हाल ही में एक ऑडियो भी न्यूज चैनलों पर खूब प्रसारित किया जा रहा था कि मस्जिद से बेहतर मरने की जगह और कहां होगी अरे जनाब तुम मरो तो मरो लेकिन तुम्हारी वजह से पूरे एक समाज देश एवम करोड़ो मासूमों का भी विध्वंस हो सकता है ,, क्यो ये धर्मांधता दिखा रहे हो?? क्यों पूरी कौम को बदनाम करने पर तुले हो आपकी कौम में भी हर कोई ऐसा तो नहीं होगा जो समाज के खिलाफ होगा जो धर्म के नाम पर असमाजिकता फैलाने का काम कर रहा हो,,,तो जनाब संभलो अभी भी  ,,तरह तरह की भ्रांतियां मत फैलाइये समाज में,, धर्म भी तब ही रहेगा जब देश रहेगा मानव समाज रहेगा,, अन्यथा जल्द ही अल्लाह मियां के दर्शन हो जायेंगे,, और अपने स्वार्थ के लिए किसी धर्म को बदनाम मत करो,सदमार्ग पे चलोगे तो सदगति को पाओगे वरना हमारे संविधान में
 २६ ९ की धारा ३ (अपराध के लिए दंड) , 270 (घातक बीमारी फैलने की संभावना), 271 (संगरोध शासन की अवज्ञा) और 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा) अनुच्छेद भी हैं सबका हिसाब चुकता होगा ,,कृपया सभी इस महाप्रलयंकारी काल में समस्त लोग अपनी जिम्मेदारी समझे जितना हो सके असहाय जरूरतमंद की भी मदद कीजियेगा यदि सम्भव हो तो नहीं तो बने रहिएगा घर में अपनों के साथ ।।।
उम्मीद है हम जल्द निजात पा सकेंगे इस महमारी से इसके लिए जरूरी है #stayhome #staysafe 
THANKYOU
©®नीलम रावत

4 comments

धन्यवाद संक्षिप्त में सारी जानकारी देने हेतु ।

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आपका आभार ,, श्रीमन आपका आशीर्वाद सरवोपरि🙏🙏

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Bahut achha likhti h aap

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ग़ज़ब लिखा है

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