Tuesday, 21 April 2020

मुझे अच्छा लगता है केनवास से खेलना
अपनी कल्पनाओं को नित नए रंग देना
इस काबिल तो नहीं हूँ अभी 
किसी की जिंदगी में रंग भर सकूं
मगर इन कागजो में रंग भर कर 
अथाह सुकून की अनुभूति होती है
अब जी करता है मैं  इन रंगों की नव परिभाषा दूँ
अपने काव्यकोष मे रंगों का अद्वितीय  वर्णन करूँ
कहीं बिखेरू आसमानों में  कहीं समेटू अपने आँचल में 
इन विविध वर्णों से सुशोभित एक नव जहान सजाऊँ
रंग करके मन के द्वेष सारे रंगों का नया प्रति मान दूँ
कला जगत की इकाइयों में रंगों को श्रेष्ठ सम्मान दूँ!!
नीलम रावत 


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